प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ऑटो में माता-पिता के साथ बैठा आयुष आगे जा रही स्विफ्ट डिजायर कैब और आरोपी की कार के बीच आ गया, जिसकी वजह से उसकी गर्दन धड़ से अलग हो गई। वहीं, परिवार के अन्य सदस्य इधर-उधर जा गिरे। आरोपी की कार रुकी और वह कार छोड़कर दोस्तों के साथ मौके से फरार हो गया।
इस दौरान बारापुला फ्लाईओवर पर जाम लग गया। बाद में घायलों को अस्पताल ले जाया गया। आयुष की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। गीता ने अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि जनक, उसके बेटे कार्तिक और ऑटो चालक वकार का इलाज चल रहा है। पुलिस ने शनिवार सुबह आरोपी कार चालक मुकुल तोमर को नोएडा स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। हजरत निजामुद्दीन थाना पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
होली पर परिवार ने जमकर की थी मस्ती
परिवार के दो लोगों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया शुक्रवार को दिन में कार्तिक और आयुष ने जमकर मस्ती की थी। शाम के समय जब माता-पिता ने घर चलने के लिए कहा तो दोनों ताऊ के घर से आने के लिए तैयार नहीं थे। परीक्षा होने की बात कर माता-पिता उन्हें जबरन ले आए थे, लेकिन भगवान को शायद कुछ और ही मंजूर था। यह कहकर आयुष के ताऊ की बेटी निकिता रोने लगी। उसने बताया आयुष पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था, जबकि कार्तिक 12वीं कक्षा के पेपर देने की तैयारी कर रहा है।
पड़ोसियों को नहीं हुआ यकीन
करीब आठ साल से जनक वेस्ट विनोद नगर के मकान में दूसरी मंजिल पर किराए पर रह रहे हैं। शुक्रवार को उनके साथ हुए हादसे की जानकारी उनके पड़ोसियों को भी नहीं हुई। शनिवार को मीडिया वाले उनके घर को ढूंढते हुए घर पहुंचे तो पड़ोसियों को पता चल सका। वहां रहने वाली दीक्षा नामक युवती ने बताया कि आयुष उनके पास ट्यूशन पढ़ने के लिए आता था। दोपहर के समय उसके माता-पिता को हादसे की जानकारी हुई तो पिता कृष्णा एम्स चले गए। दीक्षा के अनुसार, यह परिवार बेहद मिलनसार था। पड़ोसियों ने जब गीता और उसके बेटे की मौत के बारे में सुना तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ।