कोविड टीकाकरण के बाद डेटा ऑनलाइन फीड करने में लापरवाही बरती जा रही है। हाल यह है कि कोविड का बिना टीका लगवाए ही लोगों के पास मैसेज भेजे जा रहे हैं। इससे लोग हैरत में पड़ रहे हैं कि वास्तविक रूप से कैसे टीका लगवाएंगे।
जिला प्रशासन की ओर से कोविड टीकाकरण करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पहली डोज लगाने के बाद अब प्रशासन की ओर से दूसरी डोज पर जोर है, लेकिन टीकाकरण करने में लापरवाही सामने जा रही है। टीकाकरण करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से ऑनलाइन डेटा फीड करते समय गलत मोबाइल और आधार कार्ड नंबर दर्ज हो रहे हैं। इससे उन लोगों के पास मैसेज पहुंच रहे हैं, जिनको दूसरी डोज लगी ही नहीं है।
तेल्लीवाला गांव निवासी प्रियंका रानी के पास भी ऐसा ही मैसेज पहुंचा तो वह हैरान हो गईं। उनको कोविशील्ड की दूसरी खुराक का समय सात नवंबर को पूरा हुआ। सात नवंबर को ही संयुक्त चिकित्सालय रुड़की से मैसेज उनके मोबाइल नंबर पर पहुंचा कि उन्हें दूसरी डोज लग गई है। उन्होंने मामले की शिकायत सीएओ ऑफिस में की। वहां से टीकाकरण करने का आश्वासन दिया गया। ऐसा ही एक मामला टीकाकरण की नोडल अधिकारी डॉ. कोमल सिंह के पास भी पहुंचा है।
डॉ. कोमल सिंह का कहना है कि गलत मोबाइल और आधार कार्ड ऑनलाइन भरने से ऐसा हो रहा है। ऐसे लोगों का टीकाकरण कराया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण के दौरान ऑनलाइन जानकारियां अपलोड करने में सतर्कता और सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।