यहां पर धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ बाबा की चल उत्सव डोली ने मंदिर परिसर में मौजूद अपने ताम्रपात्रों और भंडार का निरीक्षण किया। सुबह 8:30 बजे मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। साथ ही बाबा की डोली ने मंदिर की तीन परिक्रमा के साथ ही अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।
देवदर्शनी, कटरा, खुन्नू, बणतोली होते हुए डोली दोपहर को गौंडार गांव पहुंचेगी। वहां पर ग्रामीणों द्वारा आराध्य को सामूहिक अर्घ्य लगाया जाएगा। यहां पर रात्रि जागरण भी किया जाएगा। देवस्थानम बोर्ड के यात्रा प्रभारी युद्धवीर सिंह पुष्पवाण ने बताया कि कपाट बंद होने से पूर्व मद्महेश्वर मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी व फूल-मालाओं से सजाया गया है।
आज से मनसूना में मेला होगा शुरू
द्वितीय केदार मद्महेश्वर के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ आगमन को लेकर मनसूना में तीन दिवसीय मेला सोमवार से शुरू होगा। जिपं अध्यक्ष विनोद राणा ने बताया कि मद्महेश्वर घाटी के 18 ग्राम पंचायतों के सहयोग से मेले का आयोजन किया जा रहा है। बाबा की डोली के मनसूना में कुछ देर के लिए अल्प विश्राम के साथ ही मेला संपन्न होगा।