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फैसला: हरियाणा में एक दिसंबर से पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे स्कूल, 50 फीसदी का सिस्टम खत्म होगा

Tue, 09 Nov 2021 06:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में स्कूल एक दिसंबर से पूरी क्षमता के साथ और पूरे समय के लिए खुलेंगे। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने फैसला ले लिया है। अब एक दिसंबर से पहली से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों को स्कूल आना होगा। 
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शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर - फोटो : फाइल फोटो।
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हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में एक दिसंबर से पूरी क्षमता के साथ कक्षाएं लगेंगी। पहली से बारहवीं तक के सभी विद्यार्थी स्कूल आएंगे। तीन घंटे के बजाय छह घंटे पढ़ाई होगी। 50 फीसदी विद्यार्थियों के स्कूल आने का सिस्टम इस महीने के अंत के साथ ही खत्म हो जाएगा। 30 नवंबर तक ही वर्तमान प्रणाली के साथ कक्षाएं चलेंगी।

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शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उनकी हाजिरी भी लगेगी। उन्हीं बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं लगेंगे जिनके अभिभावक लिखित में अनुमति मांगेंगे। मिड डे मील का वितरण स्कूलों में एक जनवरी 2022 से शुरू होगा।

कोरोना अब प्रदेश में न के बराबर है। लगभग सभी शिक्षकों को कोविड रोधी वैक्सीन लग चुकी है। अब स्कूल सुबह नौ बजे से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक खुलेंगे। अभी विद्यार्थी सुबह नौ से बारह बजे तक व शिक्षक साढ़े आठ से डेढ़ बजे तक स्कूल आ रहे हैं। पहली दिसंबर से विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए समय बदल जाएगा। सभी को साढ़े छह घंटे तक स्कूल में रहना होगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से बारहवीं तक विद्यार्थियों की संख्या 24 लाख से अधिक है। जिन्हें अभी रोस्टर के हिसाब से स्कूल बुलाया जा रहा है।
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स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से सरकार को यह प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने मंजूरी दे दी है। कोरोना मानकों को मद्देनजर रखते हुए पहली दिसंबर से ऑफलाइन कक्षाएं लगाने की तैयारी करने के निर्देश सभी डीईओ, डीईईओ को दे दिए गए हैं।

नाखून कटाकर शहीद होना चाह रहे मलिक
कंवरपाल गुर्जर ने मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा मलिक किसानों के शहीद होने की बात करते हैं लेकिन उन्हें शहादत की परिभाषा भी बतानी चाहिए। मलिक नाखून कटा कर शहीद होना चाहते हैं, क्योंकि उनका कार्यकाल बहुत कम बचा है। वह अब भाजपा के लिहाज से राजनीति में उम्र की दृष्टि से रिटायर हो चुके हैं। अब वह कहीं और अपनी राजनीति की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसलिए ऐसी बयानबाजी करते हैं। 

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