धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि जो कुछ हुआ है, उसके लिए स्वास्थ्य सचिव का जल्दबाजी और अफरातफरी में लिया गया फैसला जिम्मेदार है। उच्च अधिकारी को ऐसे फैसले नहीं लेने चाहिए, जिससे कर्मचारी वर्ग का नुकसान हो और आमजन को परेशानी झेलनी पड़े।
चंडीगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों की बर्खास्तगी के मामले में सोमवार को यूनियन के पदाधिकारियों के साथ स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह की बैठक हुई। स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि कर्मचारियों को लिखित में माफी मांगनी होगी। उसके बाद एक रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग को भेजी जाएगी। उनकी ओर से एक कमेटी गठित की जाएगी, जो कर्मचारियों के भविष्य के बारे में निर्णय लेगी। उधर, यूनियन के पदाधिकारियों ने माफी मांगने से साफ मना कर दिया। उन्होंने धरना जारी रखने की चेतावनी दी।
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12 दिनों से चल रहा एनएचएम कर्मचारियों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान समस्या समाधान टीम के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य निदेशक के साथ एक बैठक रखी गई। बैठक में कर्मचारियों की ओर से प्रतिनिधि के रूप में कर्नल रणदेव, क्रांति शुक्ला, बबीता रावत और अमित पहुंचे थे।
स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि मामले को शांत करने के लिए पहले कर्मचारियों को अपनी गलती माननी होगी। उसके बाद माफीनामा देना होगा। बैठक की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य सचिव एक विशेष कमेटी बनाएंगे, जो आगे का निर्णय लेगी। कर्मचारियों ने कहा कि जो कुछ हुआ है, उसके लिए स्वास्थ्य सचिव का जल्दबाजी और अफरातफरी में लिया गया फैसला जिम्मेदार है। उच्च अधिकारी को ऐसे फैसले नहीं लेने चाहिए, जिससे कर्मचारी वर्ग का नुकसान हो और आमजन को परेशानी झेलनी पड़े। इस मौके पर भूपिंदर सिंह गिल, बिपिन शेर सिंह, धर्मेंद्र सिंह राही, ओम प्रकाश सहित कई लोगों ने कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया।