बारिश में भीगी धान की बोरियां।
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पंजाब में सोमवार रात हुई बारिश ने मंडियों में सरकारी इंतजामों की पोल खोल दी है। खुले आसमान के नीचे पड़ी फसल भीगने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। उचित प्रबंध न होने पर किसानों ने सरकार के प्रति रोष जाहिर किया है। खन्ना, फतेहगढ़ साहिब, गोबिंदगढ़, अमलोह और लुधियाना की मंडियों में उचित प्रबंध न होने से धान भीग गया। संगरूर मंडी में सबसे ज्यादा हालात खराब हैं। यहां निकासी न होने से घुटनों तक पानी भर गया।
अमलोह मंडी में भीगी धान की बोरियां।
संगरूर मंडी में धान लेकर पहुंचे किसानों का आरोप है कि दो दिन पहले वह फसल बेचने आए थे लेकिन बोली ही नहीं लगी। अब बारिश ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। अफसर थोड़ी सी नमी होने पर ही धान खरीदने से इन्कार कर देते हैं। गांव लड्डी के किसान जगजीत सिंह और मनमीत सिंह ने बताया कि वह सोमवार को यहां आए थे। बारिश में करीब 12 से 15 क्विंटल फसल भीग गई है।
सुनाम ऊधम सिंह वाला में भी धान की फसल प्रभावित हुई है। खेतों के अलावा अनाज मंडियों में पहुंचा धान भीगने से नमी बढ़ गई है। किसान यूनियन के प्रतिनिधि दरबारा सिंह, जसवीर सिंह ने कहा कि बेमौसम बरसात ने किसानों की आर्थिक दिक्कतें बढ़ा दी हैं।
खन्ना मंडी में तिरपाल न क्रेट, बोरियों में भीग गया धान
धान में नमी व काला धब्बा पड़ने का डर किसानों को सता रहा है। सलेम टाबरी व गिल रोड की दाना मंडी में धान बेचने पहुंचे किसानों ने बताया कि मंडियों में न तो तिरपाल थी, न क्रेट। सतनाम सिंह व जसवीर ने बताया कि मंडी में अभी ज्यादा फसल नहीं आई है। अभी यह हाल है तो आगे क्या होगा। बारदाना तक पूरा नहीं है। मंडियों में धान को भीगने से बचाने की जिम्मेदारी तो प्रशासन की है। यहा हाल खन्ना मंडी का है। यहां भी तिरपाल व क्रेट की व्यवस्था नहीं है।
इस साल 30 लाख हेक्टेयर रकबे पर धान
कृषि विभाग के अनुसार पंजाब में इस साल करीब 30 लाख हेक्टेयर रकबे पर धान की फसल की बुआई हुई है। बारिश के कारण खेतों की मिट्टी गीली हो गई है। कंबाइन न चलने से खेतों में खड़ी फसल की कटाई भी लेट हो जाएगी।
आज से मौसम साफ होगा
बारिश से परेशान किसानों के लिए राहत की खबर यह है कि बुधवार से मौसम साफ हो जाएगा। दिन के तापमान में बढ़ोतरी के आसार हैं। सुबह-शाम ठंडक बनी रहेगी।