हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा सरकार स्थायी प्रबंधन के लिए पराली को एमएसपी पर खरीदने की योजना बना रही है। इससे किसानों को सीधा लाभ होगा और उनकी अतिरिक्त आय के साधन भी बढ़ेंगे। जल्द थर्मल प्लांट में 20 लाख मीट्रिक टन टॉरिफाइड बायोमास पेलेट्स के उपयोग के लिए भी टेंडर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दी। यादव दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में फसल अवशेष प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान के मंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल चंडीगढ़ से इस बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में धान लगभग 4800 गांवों में होता है। इन गांवों को तीन जोन हरा, पीला और लाल में बांटा गया है। इन-सीटू मैनेजमेंट के तहत विभिन्न मशीनों व डिक्मपोसर के माध्यम से 23 लाख मीट्रिक टन और एक्स-सीटू मैनेजमेंट के तहत 13 लाख मीट्रिक टन पराली का प्रबंधन किया जाएगा। अभी तक पराली जलाने की केवल 83 घटनाएं हुई हैं और पराली न जलाने के बारे में किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
यादव ने हरियाणा की फसल अवशेष प्रबंधन गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाकर प्रबंधन पर जोर दिया है। गुरुग्राम की सोसायटी में डीजल से चलने वाले जेनरेटर सेट्स के उपयोग में भारी कमी आई है। मनोहर लाल ने केंद्रीय मंत्री को आश्वास्त किया कि सरकार फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर बेहद गंभीर है। सभी प्रकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध हरियाणा बनाएंगे।