नागर के कार्यालय से हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव के अलावा उसका मोबाइल जब्त किया गया था। मोबाइल में मिली व्हाट्सएप चैटिंग में भर्ती के नाम पर पैसों के लेन-देन की बात सामने आई थी। आरोपियों पर भ्रष्टाचार उन्नमूलन अधिनियम, नकल विरोधी कानून समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
इन मामलों में एफएसएल की रिपोर्ट आनी बाकी
डीएसपी विजिलेंस सरीफ सिंह ने बताया कि जांच के आधार पर चालान पेश किया गया है। आरोपियों के वायस सैंपल, राइटिंग, व्हाट्सएप चैट समेत हार्ड डिस्क और पैन ड्राइव जांच के लिए एफएसएल मधुबन भेजी गई है। आरोपियों से बरामद डेंटल सर्जन और एचसीएस प्री की ओएमआर शीट में भरे गए गोलों की रिपोर्ट का भी अभी इंतजार है। लैब से रिपोर्ट मांगी है कि ओएमआर शीट में गोले कब भरे गए थे। इन तमाम बिंदुओं की रिपोर्ट आने के बाद ही विजिलेंस अनुपूरक चालान पेश करेगी।
डेंटल सर्जन और एचसीएस प्रारंभिक परीक्षा पर अभी कोई निर्णय नहीं
फर्जीवाड़ा सामने आने के आद एचपीएससी के उपसचिव अनिल नागर को बर्खास्त किया जा चुका है लेकिन डेंटल सर्जन और एचसीएस प्रारंभिक परीक्षा पर अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है। आयोग को विजिलेंस की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता ढुल का कहना है कि नागर को बर्खास्त किया जा चुका है तो इन परीक्षाओं को रद्द क्यों नहीं किया गया।