हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जलभराव वाले क्षेत्रों में से पानी निकासी जल्द करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसान समय से अगली फसल की बुआई कर सकें, इसलिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित कराएं। बरसात के कारण टूटी सड़कों, सिंघू और टिकरी बॉर्डर के आसपास के संपर्क मार्गों की स्थिति जल्दी सुधारी जाए।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गुरुवार को सभी डीसी के साथ समीक्षा बैठक में ये कार्य तय समय सीमा में पूरा करने को कहा। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने भी बैठक में अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल निकासी के लिए आवश्यकता हो तो और पंपों की व्यवस्था करें। समय से खेतों से पानी निकालना जरूरी है। जल निकासी के बाद पानी ड्रेन में डालने की बजाय रिचार्जिंग के लिए इस्तेमाल किया जाए, इससे जलस्तर में सुधार होगा।
सभी डीसी को उन्होंने विभागों, निगमों, सोसायटी एवं कमेटियों की बैठक निर्धारित समय अवधि में नियमित रूप से करने के निर्देश दिए। साथ ही पराली जलाने की घटनाओं के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट प्रतिदिन भेजने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल निकासी के लिए इलेक्ट्रिक पंपों का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने बिजली विभाग को प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन देने और 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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