हरियाणा के सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों में लिपिकों के खाली पद भरने में अफसरशाही रोड़ा बनी हुई है। लिपिक भर्ती की प्रतीक्षा सूची में शामिल 1432 युवा नियुक्ति के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सरकार इन्हें जल्द ज्वाइन कराना चाहती है लेकिन विभाग, बोर्ड-निगम हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को खाली पदों का ब्योरा ही नहीं सौंप रहे।
मुख्य सचिव विजय वर्धन ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी विभागाध्यक्षों को चेतावनी पत्र जारी किया है। उन्होंने 19 अक्तूबर तक हर हाल में आयोग को खाली पदों की जानकारी विशेष संदेशवाहक के जरिये भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि आदेश को गंभीरता से न लेने वाले अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार मार्च से लिपिकों के खाली पद की जानकारी आयोग को बार-बार भेजने के निर्देश दे रही है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। इससे प्रतीक्षा सूची में शामिल चयनित अभ्यर्थियों की जॉइनिंग का इंतजार बढ़ रहा है। मई 2019 में विज्ञापित लिपिक भर्ती की प्रतीक्षा सूची में शामिल 1432 युवा मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व आयोग के चेयरमैन से नियुक्तियों की अनेक बार गुहार लगा चुके हैं।
लिपिक भर्ती परीक्षा की वैद्यता तीन सितंबर को समाप्त हो गई थी, जिसे सरकार को दो माह के लिए बढ़ाना पड़ा है। एचएसएससी चेयरमैन भोपाल सिंह ने कहा कि विभागों की तरफ से लिपिकों के खाली पदों की सूची मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आयोग स्तर पर कोई देरी नहीं हो रही।