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Chandigarh News: गेहूं और सरसों के लिए डीएपी की अभी से मारामारी, जिलों में स्टॉक कम

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- प्रदेशभर में डीएपी का 48 हजार और यूरिया का 2.50 लाख मीट्रिक टन का स्टाॅक
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- सबसे अधिक सरसों की बिजाई करने वाले जिलों में ही डीएपी की किल्लत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में धान का सीजन खत्म होने के बाद और गेहूं व सरसों के सीजन की शुरुआत से पहले ही डीएपी खाद को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। प्रदेश के कई जिलों में डीएपी का स्टॉक काफी कम है। सहकारी समितियों में वैसे ही खाद की किल्लत बनी हुई है। प्रदेश की बात करें तो इस समय डीएपी का 48 हजार मीट्रिक टन स्टॉक है। वहीं, यूरिया का 2.50 लाख एमटी का स्टॉक है।
इस बार हरियाणा में 25 लाख हेक्टेयर में गेहूं बिजाई का लक्ष्य रखा गया है और सात लाख हेक्टेयर में सरसों बिजाई की संभावना है। इसलिए खासकर उन जिलों में डीएपी की किल्लत हो गई है, जहां पर सरसों की अधिक बिजाई होती है। इनमें महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार, पलवल, फरीदाबाद व जींद जिले शामिल हैं।
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किसान कर रहे स्टॉक
किसानों को अभी से चिंता सताने लगी है कि कहीं गेहूं बिजाई के समय पर डीएपी और यूरिया खाद की कमी न हो जाए, इसलिए किसान एक साथ कई-कई बैग खाद के खरीद रहे हैं। किसान सीजन से पहले ही खाद का स्टाक कर रहे हैं। गौर हो कि पिछले साल प्रदेश में डीएपी के साथ-साथ यूरिया की भारी किल्लत हुई थी और पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण हुआ था।
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जिला स्टॉक डीएपी (एमटी) दो महीने में खपत
अंबाला 3486 9947
भिवानी 3994 17,801
चरखी दादरी 1127 5105
फरीदाबाद 431 1870
फतेहाबाद 3180 15,141
गुरुग्राम 1023 4235
हिसार 1583 15,851
झज्जर 1193 6370
जींद 2633 13,984
कैथल 4101 16,401
करनाल 4843 16,972
कुरुक्षेत्र 2673 17,404
महेंद्रगढ़ 1067 11,052
मेवात 1574 4509
पलवल 1571 8334
पंचकूला 446 1503
पानीपत 1491 5645
रेवाड़ी 1723 11,311
रोहतक 2092 5546
सिरसा 2204 25,832
सोनीपत 4242 7108
यमुनानगर 2307 7085
कुल 48,982 2,29,008



खाद अलाट (2023-24 रबी) मौजूदा स्टॉक (एमटी)
यूरिया 10.90 2,52,377
डीएपी 2.60 48,982
एसएसपी 1.50 46,801
एनपीकेएस 1.00 15,517
कुल 16.00 3,63,677

केंद्र सरकार से अक्तूबर माह में 2,32,427 एमटी यूरिया मिला
आगामी तीन दिनों में 18,200 एमटी (सात रैक) और आने हैं।

25 अक्तूबर तक 1,01,406 एमटी डीएपी केंद्र से मिला।
आगामी तीन दिनों में 13,000 एमटी (पांच रैक) और मिलने हैं।



प्रदेश में डीएपी और यूरिया की कोई किल्लत नहीं है। सीजन से पहले ही किसान खाद का स्टाक करने में लगे हैं। ऐसे में कुछ स्थानों पर खाद लेने की होड़ मची हुई है। किसानों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। किसानों से अपील है कि जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें। केंद्र सरकार से लगातार खाद के रैक आ रहे हैं। आगामी तीन दिनों में डीएपी के पांच और यूरिया के सात रैक आने हैं। इस सीजन में दो महीने में ही 2.30 लाख एमटी डीएपी और 2.22 लाख यूरिया बिक चुका है।
- मंजीत नैन, नोडल अधिकारी, कृषि विभाग
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