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155 डॉकिंग स्टेशन से सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चला सकेंगे साइकिल

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चंडीगढ़। शहर में पहले फेज में चलने वाली 1250 साइकिलें वीरवार से शुरू हो गईं। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सेक्टर 16 स्थित शांति कुंज से साइकिल चलाकर पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना का शुभारंभ किया। 155 डॉकिंग स्टेशन से सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लोग साइकिलों का उपयोग कर सकेंगे। उसके बाद कंपनी ई-बाइक साइकिलों को चार्जिंग के लिए ले जाएगी। तीन फेज में कंपनी का 5 हजार साइकिलें चलाने का लक्ष्य है।
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ केके यादव ने प्रशासक व उनके सलाहकार धर्मपाल को बताया कि पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के अंतर्गत कंपनी चार फेज में 617 डॉकिंग स्टेशन से 5 हजार साइकिल चलाएगी। योजना को 2022 तक लागू करना होगा। लगभग दो साल से इस योजना के शुरू होने का इंतजार था। इस दौरान साइकिल फॉर चैलेंज योजना के अंतर्गत स्मार्ट सिटी को मिले एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि के बारे में जानकारी दी गई थी। मेयर रविकांत शर्मा ने बताया कि कंपनी दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद में अपनी योजना चला रही है, लेकिन चंडीगढ़ में बेहतर साइकिल ट्रैक के कारण सबसे बड़ा प्रोजेक्ट लगाया गया है।
अप्रैल 2022 तक शहर में होगा साइकिलों का जाल
फेज डॉकिंग स्टेशन साइकिलों की संख्या
पहला फेज 155 1250
दूसरा फेज 310 2500
तीसरा फेज 465 3750
चौथा फेज 617 5000
10 रुपये प्रति घंटा शुल्क, सदस्यों के 5 रुपये
साइकिल चलाने के लिए स्मार्ट एप को डाउनलोड करना होगा। एप डाउनलोड करने की जानकारी डॉकिंग स्टेशन पर दी गई है। 10 रुपये प्रति घंटा इसका शुल्क होगा। उसके बाद प्रति 30 मिनट का 5 रुपये शुल्क लगेगा। इसी तरह 500 रुपये में सालाना सदस्यता भी ले सकते हैं। सदस्यों को प्रति घंटे 5 रुपये देने होंगे। इसके बाद 5 रुपये ही प्रति 30 मिनट का शुल्क होगा। एप पर इस समय 53 हजार 450 लोग सक्रिय हैं। सदस्यों ने 61296 राइड की हैं। साथ ही अब तक 52067 घंटे में 490368 किमी साइकिल चलाई है। प्रशासक ने कहा कि अब सदस्य और तेजी से बढ़ेंगे।
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पहले फेज में सार्वजनिक व व्यस्त रहने वाले स्थल
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पहले फेज में बस स्टैंड, सरकारी कार्यालय, प्रमुख सेक्टरों को शामिल किया गया है। ताकि लोग सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर अपने वाहन से आने की अपेक्षा साइकिल का प्रयोग करें।
कहीं साइकिल नहीं तो किसी का लॉक ही टूटा मिला
उद्घाटन के पहले दिन पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के तहत चलाई गईं साइकिलें सभी डॉकिंग स्टेशन पर नहीं दिखीं। कई डॉकिंग स्टेशन खाली पड़े थे। वहीं सेक्टर 19 में मनचंदा बुक स्टोर के साथ बने साइकिल स्टैंड पर दो साइकिलें बिना लॉक के ही खड़ी थीं। लोग उन्हें बार-बार निकालकर चला रहे थे। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने साइकिलें स्टैंड में लगवाईं।
कचरे वाली 622 गाड़ी दिखेंगी ऑनलाइन
घर-घर से कचरा लेने वाली 622 गाड़ियों की जानकारी अब स्काडा पर होगी। गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगा है। हर गाड़ी को यूनिक आईडी भी दी गई है। अब इन गाड़ियों की मॉनीटरिंग स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन) के माध्यम से होगी। स्काडा का ऑफिस सेक्टर-16 स्थित रोज क्लब में बना है। अगर कोई गाड़ी खराब हो गई या चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा तो स्काडा में बैठे कर्मचारी तत्काल दूसरी गाड़ी का प्रबंध करेंगे। इसके साथ ही गाड़ी लेकर न जाने वाले चालक से जवाब-तलब किया जाएगा। प्रशासक ने इसका उद्घाटन किया।
टर्सरी पानी की गुणवत्ता और क्षमता की मिलेगी जानकारी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत टर्सरी वाटर पाइप लाइन पर फ्लोमीटर लगने के बाद वीरवार को प्रशासक ने उद्घाटन किया। इस सिस्टम से पानी का उपयोग करने की जानकारी मिलेगी, वहीं गुणवत्ता में भी सुधार होगा। नगर निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि स्काडा योजना के तहत 2.59 करोड़ रुपये से 11 अक्तूबर 2019 में टर्सरी वाटर लाइन पर यूजीआर लगवाना शुरू किया था। वर्तमान में शहर में 7 से 8 एमजीडी टर्सरी वाटर का ही उपयोग करना बताया जाता है जबकि निगम 20 एमजीडी टर्सरी वाटर दे सकता है। शहर में चार जगह टर्सरी वाटर को इकट्ठा करने के लिए टैंक बनाए गए हैं। चारों टैंक पर पानी आने और जाने के लिए आठ फ्लोमीटर लगाए गए हैं। अब किस क्षेत्र में कितना पानी गया, इसकी पूरी जानकारी मिल सकेगी। वहीं पानी में गंदगी, दुर्गंध, मिट्टी और लो प्रेशर की शिकायत की समस्या से भी निजात मिलेगी। इस सिस्टम के बाद पानी की गुणवत्ता सुधरेगी। पानी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) और मिट्टी के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। इसे ठीक करना भी आसान होगा।
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