चंडीगढ़ृ में प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने ली परेड की सलामी।
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पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सोमवार को 76वें स्वतंत्रता दिवस पर सेक्टर 17 के परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद उन्होंने परेड की सलामी ली।स्कूलों के मार्च पास्ट के बाद प्रशासन बनवारी लाल ने हिंदी में अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ अपने भाषण की शुरुआत की और सभी शहर वासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।
प्रशासक ने कहा कि अभी भी कई वादों को पूरा किया जाना बाकी है और उन्हें पूरा करने के लिए हमें वास्तविकता में ईमानदारी से काम करने की जरूरत है। प्रशासक ने कहा कि जलवायु परिवर्तन ने विभिन्न देशों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। धरती माता को बचाने के लिए हमें अपनी दैनिक दिनचर्या में स्मार्ट प्रक्रियाओं को अपनाने का समय आ गया है। विशेष रूप से हमारे देश के युवाओं से प्रकृति के रक्षक और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण स्थापित करने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन भी मॉडल सोलर सिटी बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगले 1 साल में 75 मेगावाट सौर ऊर्जा का महत्व काउंसिल लक्ष्य तय किया गया है।
प्रशासक ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कि इलेक्ट्रिक वाहन नीति का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी की पेशकश से लेकर रोड टैक्स पर छूट और भवनों के संशोधन तक प्रशासन ने शहर में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन निगम विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए महत्वकांक्षी योजना शुरू करने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय बस सेवा केंद्र मौजूद 40 बसों के बेड़े में 40 और इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है। आम लोगों की सुविधा के लिए परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चंडीगढ़ से खाटू श्याम जी और सालासर धाम के लिए भी बस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक भ्रष्टाचार के लिए की नीति को अपनाना है। पूरी तरह से पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए लापरवाही और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी इन सिद्धांतों का सम्मान नहीं करता है और गलत आचरण में लिप्त है, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी सजा का प्रावधान है। यह नियम हर व्यक्ति के लिए एक समान होगा चाहे वह कोई भी हो।