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तीसरी लहर का कहर: ट्राइसिटी में एक दिन में मिले 742 संक्रमित, चंडीगढ़ में एक मौत

Thu, 06 Jan 2022 12:29 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जीएमएसएच-16 समेत सभी सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरी के डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया है कि महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी के अर्न लीव तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।
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कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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ट्राइसिटी (पंचकूला-चंडीगढ़ और मोहाली) में बुधवार को कोरोना के 742 मरीजों के मिलने और चंडीगढ़ में एक मरीज की मौत से हड़कंप मच गया। संक्रमितों में पीजीआई के 16 कर्मचारी और चंडीगढ़ के डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल भी शामिल हैं। बुधवार को सबसे अधिक 292 मरीज मोहाली जिले में मिले, वहीं चंडीगढ़ में 229 और पंचकूला में 221 लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं।  

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चंडीगढ़ में इससे पहले 26 मई 2021 को शहर में 224 संक्रमित मिले थे। वहीं, 8 दिन बाद एक मरीज की मौत से मृतकों की संख्या बढ़कर 1080 हो गई है। मृतक की पहचान बहलाना निवासी 72 वर्षीय वृद्ध के रूप में हुई है। पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हृदय की गंभीर बीमारी के साथ ही मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित थे। तेजी से बढ़ते संक्रमित मरीजों के चलते चंडीगढ़ में संक्रमण दर 12.07 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो दिल्ली से भी अधिक है। दिल्ली में बुधवार को संक्रमण दर 11.88 प्रतिशत रही।

बुधवार को चंडीगढ़ में संक्रमित मिले मरीजों में पुरुषों के संख्या 126 व महिलाओं की संख्या 103 है। स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे के दौरान 63 मरीजों को 10 दिन की अवधि पूरी हो जाने पर डिस्चार्ज किया। उसके बाद भी सक्रिय मरीजों की संख्या 665 है। 24 घंटे के दौरान 1898 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 229 कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सबसे ज्यादा मरीज सेक्टर-15 से 18, मनीमाजरा से 17 और पीजीआई से 16 मरीज आए हैं। 

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पुलिस लाइन में पांच जवान मिले थे संक्रमित 
डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल की तबीयत तीन-चार दिनों से खराब थी। इसके चलते उन्होंने सेक्टर 26 स्थित पुलिस अस्पताल में कोरोना जांच कराई थी। उनकी आरटीसीपीसीआर रिपोर्ट बुधवार शाम पॉजिटिव आ गई। इसके बाद उन्होंने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया है। साथ अपने संपर्क में आने वाले लोगों से जांच करवाने और क्वारंटीन रहने की अपील की है। डीएसपी सेक्टर-26 पुलिस लाइन में तैनात हैं। बता दें कि सेक्टर-26 पुलिस लाइन में हवलदार पद के लिए 423 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग चल रही है, जिसमें से पांच पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। मालूम हो कि डीएसपी दिलशेर चंदेल वही हैं, जिन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू को पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने पर मानहानि का नोटिस भेजा था।  

पीजीआई के 58 कर्मचारी हो चुके हैं संक्रमित, सभी भर्ती
पीजीआई में बुधवार को 16 और कर्मचारियों के संक्रमित मिलने के बाद अस्पताल में संक्रमित कर्मचारियों की संख्या 58 हो गई है। इन सभी कर्मचारियों को अस्पताल में ही आइसोलेशन में रखा गया है। पीजीआई प्रशासन इस स्थिति को लेकर बेहद गंभीर है। मरीजों की तेजी से बढ़ती हुई संख्या को ध्यान में रखते हुए पीजीआई ने कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन बेड की संख्या 47 से बढ़ाकर 98 कर दी है। वहीं, वेंटिलेटर बेड 12 कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि पीजीआई में कोविड ऑक्सीजन बेड की संख्या 455 और वेंटिलेटर बेड की संख्या 78 थी। मौजूदा समय में पीजीआई में चंडीगढ़ और आसपास के प्रदेशों से रेफर कोरोना के 66 मरीज ऑक्सीजन और 5 वेंटिलेटर बेड पर भर्ती हैं। 
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दूसरी लहर में भी स्वास्थ्यकर्मियों बरपा था कहर

दूसरी इलाज के दौरान भी पीजीआई कर्मी काफी संक्रमण की जद में आए थे। दूसरी लहर की पीक के दौरान सिर्फ अप्रैल माह में 478 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मिले थे। इनमें से 40 से ज्यादा संख्या डॉक्टरों की थी। दूसरी लहर से सबक लेते हुए पीजीआई प्रशासन ने संक्रमण से बचाव के और भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। पीजीआई के सभी स्वास्थ्य कर्मी व अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं, इसलिए संक्रमित होने के बाद भी वे गंभीर नहीं हैं।  
 
11217 लोगों का टीकाकरण
कोरोना के बढ़ते प्रसार के बीच टीकाकरण का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को 18 साल से ऊपर के 11217 लोगों ने टीकाकरण करवाया। यह आंकड़ा पहली और दूसरी डोज लगवाने वालों का है। वहीं, 4340 किशोरों ने टीका लगवाया है। दूसरी लहर के बाद से टीकाकरण अभियान कम हो गया था। लोग पहली डोज के बाद दूसरी खुराक लगवाने नहीं आ रहे थे। अब कोरोना के केस बढ़े तो लोग घरों से बाहर निकलकर टीके लगवाने आ रहे हैं। 

दूसरा असर यह भी हुआ कि अब हर जगह प्रवेश उसी व्यक्ति का हो रहा है, जिसने कोरोना की दोनों वैक्सीन लगवाई है। इसका दबाव पड़ा तो और वैक्सीन का आंकड़ा बढ़ गया। वहीं, दूसरी ओर तीसरे दिन किशोरों को टीका लगाया गया। छह स्थायी केंद्रों के अलावा स्कूलों में भी केंद्र बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिस तरह से टीके लगवाने के आंकड़े बढ़े हैं, उससे लगता है कि एक सप्ताह में टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। मालूम हो कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले किशोरों को भी केंद्रों पर वैक्सीन लगाई जा रही है।
पीजीआई ने आपात स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक योजना तैयार कर ली है। जैसे-जैसे संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है उसके अनुपात में बेड भी बढ़ाए जा रहे हैं। -प्रो. विपिन कौशल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई
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