चंडीगढ़ में शुक्रवार को कोरोना के 49 नए संक्रमित मिले। संक्रमण दर 24 घंटों में 1.11 से बढ़कर 3.98 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इन मरीजों में 23 पुरुष और 26 महिलाएं शामिल हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन चिंतित है। उधर, बढ़ते कोरोना केसों को देखते हुए प्रशासन ने रात्रि कर्फ्यू लगाने की तैयारी कर ली है। शनिवार को यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल इसे लेकर एक समीक्षा बैठक करेंगे। कहा जा रहा है कि इसी समीक्षा बैठक में रात्रि कर्फ्यू लगाने की घोषणा भी हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आशंका है कि नववर्ष के उत्सव के दौरान लापरवाही से संक्रमण दर बढ़ सकती है। इससे पहले 14 जून को 50 संक्रमित मरीज मिले थे। वहीं, 29 दिसंबर को 33 और 30 दिसंबर को 17 संक्रमितों के मिलने से सक्रिय केसों की संख्या 170 हो गई है। इनमें से पीजीआई में 19, जीएमसीएच 32 में 2 व जीएमएसएच 16 में 5 मरीज भर्ती हैं। इन सभी को ऑक्सीजन पर रखा गया है, जबकि स्वास्थ विभाग ने 10 दिन की अवधि पूरी करने पर 8 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले 24 घंटे में 1232 लोगों की जांच की, जिनमें से 49 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शहर में अब तक 1079 मरीजों की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को सेक्टर-49 से सबसे ज्यादा 6 संक्रमित मिले हैं। सेक्टर 22 व मनीमाजरा से 5-5, सेक्टर 28 से 4, सेक्टर-16 व ड्डडूमाजरा से 3- 3, सेक्टर 9, सेक्टर 43, सेक्टर 46 और सेक्टर 50 से 2-2, जबकि सेक्टर 10, 11, 12, 24, 26, 27, 29, 44, 45, 45, 48, 56, मक्खन माजरा, मलोया और पीजीआई से एक-एक मरीज मिले हैं।
चंडीगढ़ में कोरोना की चेन होने लगी मजबूत
कोरोना संक्रमण के मामले चंद दिनों पहले तक मुख्य रूप से मनीमाजरा और शहर के इक्का-दुक्का सेक्टरों से आ रहे थे लेकिन अब स्थिति गंभीर हो गई है। देखते ही देखते कोरोना की चेन ने शहर के कोने-कोने में संक्रमण फैलाना शुरू कर दिया है। इससे साफ है कि कोरोना की चेन मजबूत हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी ही स्थिति से लहर की नौबत आती है। इस दौरान की जा रही छोटी-छोटी अनदेखी आने वाले दिनों में घातक साबित होगी।
डब्ल्यूएचओ के पूर्व परामर्शदाता डॉ. आरएस बेदी का कहना है कि मौजूदा स्थिति से यह बात तो साफ हो चुकी है कि टीके की दोनों खुराक लेने वाले भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में यह सोचना कि मैंने तो टीका लगवा लिया है अब कुछ नहीं होगा, बिल्कुल गलत होगा। यह सोच जान जोखिम में डाल सकती है। टीका संक्रमण की गंभीरता से बचाने में सहायक है, संक्रमण से नहीं, इसलिए बचाव के मानकों का और गंभीरता से पालन होना जरूरी है।
यहां तक पहुंची कोरोना की चेन
मनीमजारा और मौलीजागरां के साथ सेक्टर 7, सेक्टर 15, सेक्टर 16, सेक्टर 19, सेक्टर 21, सेक्टर 23, सेक्टर 25, सेक्टर 28, सेक्टर 38, सेक्टर 39, सेक्टर 44, सेक्टर 4, सेक्टर 9, सेक्टर 10, सेक्टर 22, सेक्टर 31, सेक्टर 41, सेक्टर 42, सेक्टर 46, सेक्टर 49, सेक्टर 32, सेक्टर 35, सेक्टर 55 और सेक्टर 56 में कोरोना संक्रमित मिलने लगे हैं।
संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सभी से अपील करता है कि घर पर रहकर नए साल का स्वागत करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। इस समय लापरवाही की गई तो स्थिति गंभीर हो सकती है। -डॉ. सुमन सिंह, स्वास्थ्य निदेशक