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104 साल पहले की वो खौफनाक घटना, जब एक हाथी को सरेआम दे दी गई थी फांसी

Mon, 16 Mar 2020 05:54 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
किसी जघन्य अपराध के लिए इंसानों को तो फांसी देने की बात आपने सुनी होगी, लेकिन क्या कभी ऐसा सुना है कि किसी हाथी को फांसी पर लटकाया गया हो। जी हां, यह सुनने में तो बड़ा अजीब लगता है, लेकिन आज से 104 साल पहले अमेरिका में कुछ ऐसा ही हुआ था। आज के समय में ऐसी किसी घटना को भले ही हम जानवरों के प्रति क्रूरता कहें, लेकिन उस समय अमेरिका में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथी को फांसी दिए जाने का समर्थन किया था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ये खौफनाक या यूं कहें कि क्रूर घटना 13 सितंबर 1916 की है, जब अमेरिका के टेनेसी राज्य में दो हजार से ज्यादा लोगों के बीच मैरी नाम के हाथी को फांसी पर लटका दिया गया था। इसके पीछे की वजह बेहद ही अजीब थी, जिसके बारे में जानकर आपको भी हैरानी होगी। 
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सर्कस में हाथी - फोटो : Social media
दरअसल, चार्ली स्पार्क नाम का एक व्यक्ति टेनेसी में 'स्पार्क्स वर्ल्ड फेमस शो' नाम का एक सर्कस चलाता था। उस सर्कस में कई जानवर थे, जिसमें मैरी नाम का एक एशियाई हाथी भी था। उसका वजन करीब पांच टन था। मैरी उस सर्कस का मुख्य आकर्षण था। कहते हैं कि एक दिन मैरी के महावत ने किसी कारणवश सर्कस छोड़ दिया, जिसके बाद आनन-फानन में उसकी जगह पर एक दूसरे महावत को रखा गया। 

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मैरी नाम का हाथी - फोटो : Social media
अब चूंकि नए महावत को मैरी हाथी के बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं थी और ना ही मैरी ने उस महावत के साथ ज्यादा समय बिताया था, इसलिए मैरी को कंट्रोल करने में महावत को परेशानी हो रही थी। लेकिन इसी बीच एक दिन सर्कस के प्रमोशन के लिए शहर में परेड का आयोजन किया गया, जिसमें मैरी समेत सारे जानवर और सर्कस के सभी कलाकार शामिल हुए। शहर के बीचों-बीच परेड निकाली गई। इस दौरान रास्ते में मैरी को कुछ खाने की चीज दिखी, जिसके लिए वह तेजी से आगे बढ़ने लगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अब नए महावत ने मैरी रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं रूका। इस दौरान महावत ने उसके कान के पीछे भाला मारा, जिससे हाथी तिलमिला उठा और गुस्से में उसे नीचे पटक दिया और उसके ऊपर अपना भारी-भरकम पैर रख दिया, जिससे महावत की मौत हो गई। यह घटना देख कर लोग इधर-उधर भागने लगे। वहीं कुछ लोगों ने हाथी को मार डालने के नारे लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि उस समय तो यह मामला शांत हो गया, लेकिन अगले दिन के अखबारों में इस घटना को प्रमुखता से छापा गया, जिसके बाद घटना पूरे शहर में तेजी से फैल गई। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शहर के लोग सर्कस के मालिक चार्ली स्पार्क से मैरी (हाथी) को मृत्युदंड देने की मांग करने लगे। साथ ही उन्होंने धमकी भी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो शहर में फिर कभी सर्कस नहीं होने देंगे। कई लोगों ने कई तरह से हाथी को मारने की बात कही। किसी ने ट्रेन से कुचलवा कर मारने को कहा तो किसी ने हाथी को करंट देकर मारने की बात कही। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आखिरकार लोगों की जिद के आगे चार्ली स्पार्क को झुकना पड़ा और उन्होंने मैरी (हाथी) को मृत्युदंड देने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने 100 टन का वजन उठाने वाली एक क्रेन मंगवाई और 13 सितंबर 1916 को क्रेन की मदद से हाथी को हजारों लोगों के बीच फांसी पर लटका दिया गया। इस घटना को इतिहास में जानवरों के प्रति मानवता का सबसे क्रूर उदाहरण माना जाता है। 
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