फोटो बांग्लादेश के बांदरबन जिले की है। यहां भी हिंदुओं पर कट्टरपंथी मुसलमानों ने हमला किया है।
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमले की संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) में बांग्लादेश ने निंदा की है। यूएन में बांग्लादेश की स्थायी सदस्य रबाब फातिमा ने कहा, 'हम हिंदू समुदाय पर हो रहे जघन्य हमलों की निंदा करते हैं। पीड़ितों के साथ हमारी सहानुभूति और शोक है। हम आश्वस्त करना चाहते हैं कि हर पीड़ित को न्याय मिलेगा। यह हमारा संवैधानिक प्रतिज्ञा है कि हम अपने देश में सभी धर्मों में विश्वास रखने वालों की स्वंत्रता की रक्षा करें।'
उधर, अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भी हमलों को लेकर चिंता जताई है। आयोग ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से कहा कि हिंदू विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने वाले कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। आयोग के अध्यक्ष नादिन मेंजा ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ भड़की हिंसा गंभीर रूप से परेशान करने वाली है।
यूएन ने कहा- ये हमले मूल्यों के खिलाफ हैं
बांग्लादेश में यूनाइटेड नेशंस की रेजिडेंट कोआर्डिनेटर मिया सेप्पो ने भी हमलों की निंदा की। कहा, 'हाल में हिंदुओं पर हुए हमले संविधान के मूल्यों के खिलाफ है। हमने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। पीड़ितों को न्याय मिले इसके लिए सही जांच होनी चाहिए। हम सभी मिलकर इसके खिलाफ एकजुटता दिखाएंगे।'
पीएम की तारीफ की
अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) के अध्यक्ष नादिन ने बांग्लादेश सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की तारीफ भी की। कहा, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हिंसा रोकने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की। इसकी हम सराहना करते हैं। रोहिंग्या शरणार्थियों को शरण देने पर भी अमेरिकी राजनयिक पीटर डी हास ने पीएम शेख हसीना की तारीफ की।