हमास ने इस्राइल के प्रस्तावित संघर्ष विराम समझौते के जवाब में तीन चरण की योजना सामने रखी है। जिसमें युद्धविराम और गाजा में बंधकों की रिहाई के बदले मानवीय मदद की शर्त शामिल है। सीएनएन की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
हमास की योजना के मुताबिक, प्रत्येक चरण 45 दिनों तक चलेगा। इस्राइल के प्रस्तावित समझौते पर हमास ने अपनी प्रतिक्रिया कतर और मिस्र के मध्यस्थों को दी है। हमास के एक वरिष्ठ नेता मुहम्मद नजल ने भी इसकी पुष्टि की है।
पहले चरण में इस्राइली बंधकों की रिहाई की बात शामिल है, जिसमें महिलाएं और उन्नीस साल से कम आयु के बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों की रिहाई शामिल है। लेकिन, यह रिहाई तभी होगी जब फलस्तीनी कैदियों को एक खास संख्या में रिहा जाएगा। इसके अलावा, इस चरण में सैन्य अभियानों पर अस्थायी रोक, गाजा में आबादी वाले इलाकों से इस्राइली सेना की वापसी और पुनर्निर्माण प्रयासों की शुरुआत शामिल है।
दूसरा चरण सैन्य अभियानों की निरंतरता को खत्म करने पर केंद्रित है। इसमें गाजा में सभी पुरुष बंधकों की रिहाई, मानवीय मदद, गाजा की सीमाओं से इस्राइली सेना की वापसी और पुनर्निर्माण शामिल है। जबकि, तीसरे चरण में दोनों पक्षों के शवों और अवशेषों के के आदान-प्रदान की शर्त है। मानवीय मदद के प्रयास और पुनर्निर्माण कार्य जारी रहेंगे।
हमास ने अमेरिका को छोड़कर मिस्र, कतर, तुर्की, रूस और संयुक्त राष्ट्र को समझौते के गारंटर के रूप में प्रस्तावित किया है। हालांकि, इस वार्ता के जानकार एक इस्राइली अधिकारी ने जोर देकर कहा कि उनका देश हमास के जवाबी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगी। सीएनएन के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि इस्राइल सात अक्तूबर को पकड़े गए कैदियों को रिहा कर गाजा में युद्ध विराम और बलों की वापसी पर सहमत नहीं होगा।
इससे पहले कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि हमास ने इस्राइल के साथ प्रस्तावित संघर्ष विराम समझौते पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। ब्लिंकन ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कतर के प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि हमास ने इस्राइल के प्रस्तावित समझौते पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और गाजा पर इस्राइल के हमले को खत्म करने की अपनी मांग को दोहराया है।