विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेल सुलिवन के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
जयशंकर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "एनएसए सुलिवन के साथ एक शानदार बैठक हुई। हमेशा की तरह द्विपक्षीय सहयोग पर एक उत्पादक बातचीत हुई और वैश्विक राजनीति के बारे में अच्छे विचारों का आदान-प्रदान हुआ।" विदेश मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सहायक और उप राष्ट्रपति के सुरक्षा सलाहकार फिल गॉर्डन से भी मुलाकात की। गॉर्डन ने बताया कि उन्होंने जयशंकर के साथ द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की।
गॉर्डन ने कहा, इस हफ्ते भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर से मिलकर अच्छा लगा। हमने अमेरिका-भारत संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की, जिसमें रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग शामिल है। हमने हिंद-प्रशांत क्षेत्र, पश्चिम एशिया और यूरोप में क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की।
इससे पहले जयशंकर ने मंगलवार को वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से भी मुलाकात की। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, आज वॉशिंगटन में एंटनी ब्लिंकन से बात करके खुशी हुई। हमने डेलावेयर की द्विपक्ष और क्वाड बैठकों के बाद की चर्चा की। हमारी बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने, पश्चिम एशिया की स्थिति, भारतीय उप महाद्वीप में हालिया घटनाक्रम, हिंद प्रशांत क्षेत्र और यूक्रेन पर चर्चा हुई।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक बयान में कहा कि ब्लिंकन और जयशंकर ने द्विपक्षी संबंधों को गहरा करने, क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर करीब से समन्वय स्थापित करने और महत्वपूर्ण व उभरती हुई तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा की। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया कीव यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने स्वच्छ उर्जा पहलों पर सहयोग बढ़ाने की योजनाओं पर भी चर्चा की। वहीं, ब्लिंक ने इरान के इस्राइल पर हमले की निंदा की और इसे अस्वीकार्य बताया।