मेंग की नजरबंदी डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति काल में हुई थी। तब अमेरिका ने उन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इसमें कहा गया था कि मेंग ने हुवावे कंपनी के स्काईकॉम नाम की एक कंपनी से रिश्ते के स्वरूप के बारे में एचएसबीसी बैंक को गुमराह किया। लेकिन मेंग ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताया है। बताया जाता है कि मेंग की रिहाई के बावजूद उन पर और हुवावे कंपनी पर अमेरिका में मुकदमा जारी रहेगा। लेकिन अभी उस पर सुनवाई स्थगित कर दी गई है। बताया गया है कि सुनवाई दिसंबर 2022 तक स्थगित रहेगी।
कनाडा में अपनी रिहाई के बाद मेंग ने कहा- ‘मेरी जिंदगी बिल्कुल उलट-पुलट गई है। यह मेरे जीवन में बड़ी रुकावट का समय रहा। लेकिन हर बादल के साथ एक बिजली की चमक रहती है।’
चीन में इस समझौते का स्वागत किया गया है। चीनी सूत्रों ने कहा है कि मेंग निर्दोष हैं, जिन्हें अमेरिका ने चीन के खिलाफ चलाई गई अपनी मुहिम के तहत निशाना बनाया। लेकिन पर्यवेक्षकों के बीच ये रहस्य कायम है कि बढ़ते तनाव के बीच अचानक अमेरिका और चीन के बीच ये समझौता कैसे और क्यों हो गया?