वेनेजुएला पर हुए कथित अमेरिकी हमले और उसके बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरे लैटिन अमेरिका में भूचाल ला दिया है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र के कई देशों ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून तथा क्षेत्रीय संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि यह संकट अब केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है। ट्रंप ने न सिर्फ वेनेजुएला की कार्रवाई को सही ठहराया, बल्कि कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को खुलेआम धमकी देकर विवाद को और गहरा कर दिया। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने पेट्रो को “अपनी जान बचाने” की सलाह दी। यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में असामान्य और बेहद आक्रामक माना जा रहा है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कोलंबियाई राष्ट्रपति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पेट्रो कोकीन बनाने और उसे अमेरिका भेजने में शामिल हैं। ट्रंप ने दावा किया कि पेट्रो के पास कोकीन बनाने की मिलें और कारखाने हैं और वे नशीले पदार्थों को अमेरिका तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं अपने बयान पर कायम हूं। वह कोकीन बना रहा है और इसे संयुक्त राज्य अमेरिका भेज रहा है, इसलिए उसे सावधान रहना चाहिए।”
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, ट्रंप ने मादुरो की गिरफ्तारी की घोषणा करते समय मैक्सिको के राष्ट्रपति को भी परोक्ष चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला पर हमला मैक्सिको के लिए चेतावनी के तौर पर नहीं था, लेकिन “कार्टेल द्वारा संचालित” इस देश के बारे में कुछ न कुछ करना जरूरी है। ट्रंप ने कोलंबिया और क्यूबा के नेताओं के लिए भी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे साफ है कि अमेरिका का रुख अब और सख्त हो गया है।
इन बयानों और कार्रवाइयों के बाद लैटिन अमेरिकी देशों में हड़कंप मच गया है। मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम पार्डो ने शनिवार को जारी एक बयान में वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मैक्सिको इस तरह के दुस्साहस को स्वीकार नहीं करता और अमेरिका से वेनेजुएला की सरकार और जनता के खिलाफ सभी आक्रामक कार्रवाइयों को तुरंत समाप्त करने की मांग की।
कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने वाशिंगटन की कार्रवाई को लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे क्षेत्र में एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता है। पेट्रो ने कहा कि बाहरी हस्तक्षेप केवल अस्थिरता और हिंसा को बढ़ावा देगा।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिका की ये कार्रवाइयां अस्वीकार्य हैं और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला पर हमला हिंसा, अराजकता और अस्थिरता की दुनिया की ओर पहला कदम है।
चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने भी हमले पर गहरी चिंता जताई और वेनेजुएला में पैदा हुए गंभीर संकट के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया। वहीं क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-केन ने अमेरिका पर आपराधिक हमला करने का आरोप लगाया। उरुग्वे ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह हालात पर नजर रखे हुए है और हमेशा की तरह अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को खारिज करता है।
कुल मिलाकर, वेनेजुएला संकट ने अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। मादुरो की गिरफ्तारी, ट्रंप की धमकियां और क्षेत्रीय नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं यह संकेत दे रही हैं कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक कूटनीति के केंद्र में रहने वाला है।