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नेपाल त्रासदी से चीन के व्यापार को बड़ा झटका, सामान की सप्लाई पर आया भारी संकट

Thu, 10 Sep 2026 03:45 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने चीन के साथ देश के व्यापार को बड़ा झटका दिया है। बाढ़ के कारण सीमा क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर और चीन को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे चीन से नेपाल आने वाले माल की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस स्थिति ने दशईं, तिहार और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले चीनी सामान की समय पर सप्लाई और उसकी कीमतों को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।

‘द राइजिंग नेपाल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ के कारण रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ा है। चीन से आयातित सामान लेकर नेपाल पहुंच रहे कार्गो ट्रकों की आवाजाही बाधित होने के बाद व्यापारियों को वैकल्पिक रास्तों की तलाश करनी पड़ रही है। इससे न केवल सामान की डिलीवरी में देरी हो रही है, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। त्योहारों के मौसम में उपभोक्ता वस्तुओं की मांग बढ़ने की उम्मीद के बीच यह स्थिति नेपाल के कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

नेपाल ट्रांस-हिमालयन बॉर्डर कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राम हरि कार्की के मुताबिक, चीन से तत्काल जरूरत का सामान मंगाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि चीन के केरुंग क्षेत्र से रसुवागढ़ी की ओर 500 से 600 से अधिक चीनी कंटेनर आ रहे थे। इन कंटेनरों में तीज, दशईं, तिहार और छठ जैसे त्योहारों के लिए जरूरी सामान लदा हुआ था। लेकिन रसुवागढ़ी बॉर्डर और आसपास के संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने के कारण इनमें से कई कंटेनर रास्ते में फंस गए हैं।

बाढ़ से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। राम हरि कार्की के अनुसार, बाढ़ में 200 से अधिक नेपाली कंटेनर बह गए हैं और व्यापारियों को कम से कम 2 अरब नेपाली रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। कंटेनरों के बह जाने और सड़क संपर्क बाधित होने से पहले से मंगाए गए सामान की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।

रसुवागढ़ी चीन के साथ नेपाल के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है और इसी मार्ग से बड़ी मात्रा में चीनी सामान नेपाल पहुंचता है। ऐसे में इस मार्ग पर लंबे समय तक व्यवधान रहने से नेपाल के बाजार में सामान की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है। खासकर त्योहारों के दौरान कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, सजावटी सामान और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की मांग बढ़ने पर सप्लाई में कमी और परिवहन लागत बढ़ने का दबाव कीमतों पर दिखाई दे सकता है।

फिलहाल व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीन से आने वाले सामान के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित परिवहन मार्ग तलाशना है। अगर सीमा क्षेत्र में सड़क और व्यापारिक कनेक्टिविटी जल्द बहाल नहीं होती है, तो त्योहारों से पहले नेपाल के बाजार में चीनी सामान की सप्लाई प्रभावित होने के साथ-साथ कारोबारियों की लागत भी बढ़ सकती है। इस तरह भोटेकोशी नदी की बाढ़ सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि नेपाल के चीन के साथ सीमा-पार व्यापार और त्योहारी सीजन की सप्लाई चेन के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है।

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