यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की आस्था अब यमुना नदी की निर्मलता पर भारी पड़ने लगी है। मां यमुना को अंगवस्त्र दान करते समय कुछ श्रद्धालु इन्हें मंदिर या पुरोहितों को भेंट करने के बजाय सीधे नदी में बहा देते हैं। इससे कई रंग-बिरंगे वस्त्र बहते हुए पत्थरों में अटक जाते हैं और धीरे-धीरे गंदगी का ढेर बन जाते हैं। यमुना तट के किनारे जगह-जगह फैले इन कपड़ों से नदी की पवित्रता प्रभावित हो रही है। यह न केवल धार्मिक स्थल की सुंदरता को बिगाड़ रहा है बल्कि पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है। स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी श्रद्धालुओं से अपील कर रहे हैं कि वे दान की प्रक्रिया को उचित तरीके से करें ताकि मां यमुना की स्वच्छता बनी रहे।