जनपद की गंगनानी-डबरानी सहित हर्षिल घाटी में सोमवार शाम को तेज बारिश हुई। इस कारण डबरानी के समीप गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन होने के कारण करीब दो घंटे आवाजाही बंद रही। इस कारण वहां पर करीब बीस से पच्चीस यात्रियों और स्थानीय लोगों के वाहन फंसे रहे। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची बीआरओ की मशीनरी ने मलबा और बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू करवाई। स्थानीय निवासी उपेंद्र सजवाण ने बताया की सोमवार शाम को हर्षिल घाटी सहित गंगनानी और डबरानी क्षेत्र में तेज बारिश हुई। इस एक घंटे की बारिश के कारण डबरानी के समीप पहाड़ी से भुसखलन होने के कारण आवाजाही बंद हो गई। इस कारण दोनों ओर वाहन फंसे रहे। साथ ही पर्यटकों को बारिश में परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि वहां पर पूरा क्षेत्र भुसखलन प्रभावित है। लगातार हो रही बारिश के कारण वहां पर बोल्डर और मलबा आने का खतरा बना हुआ था। सड़क के बंद होते ही इसकी सूचना वहां फंसे लोगों ने प्रशासन को दे दी थी। लेकिन बीआरओ की मशीनरी करीब दो घंटे बाद पहुंची। उसके बाद मशीन से मलबा और बोल्डर हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। सजवाण ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। क्षेत्र में हुई करीब एक घंटे की बरसात ने यात्रा तैयारियों की पोल खोल दी है। गंगोत्री हाईवे पर संवेदनशील और भुसखलन प्रभावित क्षेत्र में भी मशीने सूचना देने के करीब दो घंटे बाद पहुंच रही है। जबकि गंगोत्री हाईवे पर डबरानी और गंगनानी का क्षेत्र भूस्खलन के दृष्टि कोण से सबसे अधिक संवेदनशील माना जाता है।