ध्यान साधना में जुटे साधु संतों के साथ ही वन्यजीवों के लिए भी परेशानी उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम के आसपास साइलेंस जोन घोषित होने के बावजूद डीजे का शोर से गूंज रहा है। कारण की आस्था के आगे पुलिस प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। वहीं पुलिस की ओर से लगातार चेकिंग अभियान चलाने की बात कही जा रही है। ईको सेंसटिव जोन होने के कारण गंगोत्री धाम और आसपास के क्षेत्र में जीरो साइलेंस जोन घोषित किया गया है। ऐसे में यहां पर किसी भी प्रकार से डीजे आदि के शोर पर पाबंदी है। इसके बावजूद प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि इन दिनों गंगोत्री धाम में सैकड़ों की संख्या में कांवड़िये पहुंच रहे हैं। शांत वादियों में डीजे के शोर से गंगोत्री धाम सहित आसपास के क्षेत्रों के ध्यान-साधना कर रहे साधु-संतों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं क्षेत्र के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में दुर्लभ वन्य जीव भी विचरण करते हैं। गंगोत्री व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष सतेंद्र सेमवाल ने कहा कि पुराणों के अनुसार, छह माह शीतकाल में धामों के कपाट बंद किए जाते हैं।इन दिनों साधु संत भी ध्यान साधना में लीन रहते हैं। एसपी कमलेश उपाध्याय का कहना है कि शिवरात्रि को लेकर कांवड़िए गंगोत्री पहुंच रहे हैं। डीजी की रोकथाम के लिए पुलिस की ओर से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।