कमिश्नर व जिला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक रावत ने जिला विकास प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों और विकास कार्यों की समीक्षा की। भवन मानचित्रों की स्वीकृति प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए उन्होंने ई-मानचित्र प्रणाली में तेजी लाने के निर्देश दिए।मंगलवार को रुद्रपुर पहुंचे कुमाऊं कमिश्नर ने रावत ने प्राधिकरण में दर्ज विभिन्न वादों की स्थिति जांची। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के तहत निनियमित क्षेत्र से संबंधित पत्रावलियों का आवलोकन किया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनों व पुराने वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करें। ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ही मानचित्रों पर निर्णय लिया जाए। प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और राजस्व वसूली का संज्ञान लेते हुए वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। प्राधिकरण की ओर से संचालित विभिन्न सिविल कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इस दौरान वर्तमान में चल रहे कामों, प्रस्तावित और पूर्ण हो चुके कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता की समीक्षा की गई। इस मौके पर इस डीएम नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, डीडीए के उपाध्यक्ष जय किशन, सचिव पंकज उपाध्याय, एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी, एमएनए शिप्रा जोशी, एसडीएम ऋचा सिंह, अभय प्रताप सिंह, गौरव पांडेय, रविंद्र जुआठा, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता अनिल पांगती आदि मौजूद रहे।