गन्ने की उन्नति प्रजाति को बढ़ावा देने के लिए गन्ना विभाग ने खास पहल की है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग दो एकड़ की पौधशाला में गन्ने के उन्नति प्रजाति के बीज तैयार कर रहा है। इन्हें किसानों को वितरित किया जाएगा। ताकि वे उत्पादकता बढ़ाकर अधिक मुनाफा कमा सकें। गन्ना विभाग के प्रचार एवं जनसंपर्क अधिकारी निलेश कुमार ने बताया कि कार्यालय में करीब दो एकड़ की पौधशाला गन्ना अनुसंधान केंद्र शाहजहांपुर में विकसित अर्ली गन्ने की 1,32,35, लखनऊ में विकसित 1,42,01 और पंतनगर में सामान्य 1,22,26 गन्ने की बुआई की गई है। यह उन्नति प्रजाति की बीज हैं। इनमें बीमारियां नहीं लगती और उत्पादकता भी अधिक होती है। गन्ने की अगली फसल तक यह तैयार हो जाएंगे। इसके बाद गन्ने के बीज समितियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाए जाएंगे। गन्ना आयुक्त चंद्र सिंह धर्मसत्तू के नेतृत्व में गन्ने की उन्नति प्रजाति के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। दरअसल, किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि वे 0238 प्रजाति के गन्ने की खेती न करें। इससे गन्ने में लाल सड़न रोग का खतरा रहता है। इसी के चलते विभाग उन्नति प्रजाति के बीज लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।