रुद्रपुर में एक निजी अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा हो गया। बिलासपुर के शारदा कालोनी निवासी विशुका शिकारी (45) की शुक्रवार को अचानक तबियत बिगड़ गई थी। बेटा राजेश और अन्य परिजन ने उसे आवास विकास स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। राजेश ने बताया कि डाक्टर ने मां की दिमाग की नसों में सूजन आने की बात कही और भर्ती कर लिया। आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गयी और मां को आईसीयू में भर्ती करने के बजाए प्राईवेट वार्ड में रखा गया था। डाक्टर और स्टाफ की लापरवाही के चलते शनिवार की दोपहर उनकी मां का निधन हो गया। आरोप है कि मां के देहांत के बारे में पूछताछ करने पर डाक्टर व स्टाफ ने उनके व रिश्तेदारों से अभद्रता कर धमकी दी। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। उनकी अस्पताल के प्रबंधक और डाक्टर से से भी तीखी नोंकझोक हो गई। गुस्साए परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। मृतका के जीजा अभिमन्यु का आरोप है कि विशुका की मौत के बाद 4600 रुपये की दवा मंगवाई गई। सूचना पर भाजपा नेता सुशील गाबा, कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, मोनिका ढाली, सुब्रत विश्वास सहित तमाम लोग पहुंच गए। सूचना पर एसएचओ मोहन चंद्र पांडे भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उनके समझाने पर भी लोग नहीं माने। उन्होंने डाक्टर पर केस दर्ज करने, गिरफ्तारी और अस्पताल पर ताला लगाने की मांग की। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने घटना को दुखद बताते हुए केस दर्ज करने और जांच कर कार्यवाही करने की मांग की। सीओ प्रशांत कुमार और तहसीलदार दिनेश कुटौला भी मौके पर पहुंच गए। सीओ ने मामले की जांच करने और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने धरना खत्म हो गया।