कोहरा और शीतलहर से आम जनजीवन बेहाल है। इसका सबसे ज्यादा असर परिवहन पर पड़ रहा है। सवारी की आमद कम होने से अधिकतर रोडवेज बसें बेड़े में ही खड़ी रह जा रही हैं। अगर निकल भी रही है तो 10 से 5 यात्रियों को लेकर इससे डिपो में प्रतिदिन लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है।