रुद्रपुर में बृहस्पतिवार रात से ही तराई क्षेत्र कोहरे के आगोश में रहा। शुक्रवार तड़के कोहरा और घना हो गया था। कोहरे के कारण दृश्यता इतनी कम हो गई थी कि नजदीक में भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन संचालन में दिक्कत हो रही थी, लेकिन घने कोहरे में लापरवाह दोपहिया चालकों की रेलवे फाटक पर ऐसी लापरवाही देखने को मिली, जो जानलेवा साबित हो सकती थी। शुक्रवार सुबह 5.55 बजे छतरपुुर रेलवे फाटक बंद हुआ। छह बजे ट्रैक से ट्रेन गुुजरनी थी। बाइकर घुप कोहरे में भी ट्रेन गुजरने का इंतजार नहीं कर रहे। दोनों तरफ से रेलवे बैरियर के नीचे से बाइकों को निकालने लगे। यह सिलसिला ट्रेन के नजदीक आने तक भी जारी रहा। सुबह छह बजकर एक मिनट में ट्रेन का हार्न सुनाई देने लगा। पटरी पर बाइकरों ने अफरातफरी मचा रखी थी। फाटक तक तैनात रेलवे कर्मी और फाटक के दोनों ओर रुके वाहन चालक और लोग जोरजोर से चिल्लाने लगे। तब पटरी पर चार-पांच दोपहिया वाहन थे। गनीमत रही कि कोई ट्रे्न की चपेट में नहीं आया। इस फाटक पर अक्सर इस तरह का नजारा देखने को मिलता है। फाटक के पास यातायात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन वह भी मूकदर्शक बने रहते हैं।