अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए बृहस्पतिवार को खटीमा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार का पुतला दहन किया। उन्होंने सरकार पर साक्ष्य मिटाने और प्रभावशाली लोगों को बचाने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने हत्याकांड के दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। उमेश राठौर, रेखा सोनकर आदि ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के दिन जिस प्रकार घटनास्थल पर बुलडोजर चलाया गया उसे लेकर शुरू से ही कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। तब भाजपा नेताओं ने सीएम को हनुमान और धाकड़ बताकर इस कार्रवाई का महिमा मंडन किया था जबकि कांग्रेस का मानना था कि यह कार्रवाई साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से की गई। नरेंद्र आर्य ने कहा कि हाल ही में सामने आए घटनाक्रम में भाजपा के एक पूर्व विधायक की पत्नी की ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ एक वीआईपी का नाम लिए जाने से मामले में संदेह और गहरा गया है। कहा कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी जरूरत पड़ी तो राज्यव्यापी जन आंदोलन किया जाएगा। वहां पर विनोद चंद, मान सिंह, कृष्णा नेगी, विद्या, ज्योति मझेड़ा, बीना राणा, राजकिशोर सक्सेना, उमेश चंद, सुभाष कुशवाहा, रमेश रौतेला, विक्की चौहान, जगत भंडारी, रवि अग्रवाल, गुलफाम रजा, रोहित शर्मा, रेहान अंसारी आदि थे।