उत्तराखंड में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठण्ड पड़ने के साथ ही, भेड़ व बकरी पालक जिन्हे आम भाषा में गडरिया या फिर चरवाहों के रूप में जाना जाता है, वे निचले इलाको की तरफ आने लगे हैं। गर्मियों में उच्च हिमालय के बुग्यालों में वक्त बिताने और घरों के पास रहने के बाद उन्हें शीत शुरू होते ही ऋतू प्रवास के लिए निचले इलाकों के जंगलों में जाना पड़ता है। अब ये बसंत शुरू होने तक इन क्षेत्रों में प्रवास करेंगें । उच्च हिमालय के ये चरवाहे शुक्रवार को रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव चिनग्वाड़ और उससे सटे मध्य जंगलों की तरफ रुख करते हुए दिखे। 200 से अधिक भेड़-बकरियों, मेमनों, भोटिया कुत्तो की सुरक्षा के बीच घोड़ों पर अपना सामन लाद ये सुबह जंगलों की तरफ जाते दिखे। अब ये कुछ दिन इन्ही ग्रामीण क्षेत्रों के जंगलों में अपना जीवन यापन करेंगे।