मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर बणतोली में मधुगंगा नदी पर संचालित ट्रॉली पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अमर उजाला में बुधवार के अंक में प्रकाशित खबर अस्थाई ट्रॉली पर बढ़ा दबाव, हादसे का खतरा का संज्ञान लेते हुए यहां सुरक्षा बढ़ाई गई है। मध्यमहेश्वर मंदिर में कांवड़ यात्रा में प्रतिदिन करीब 700 से 800 श्रद्धालु ट्रॉली के माध्यम से आवाजाही कर रहे हैं। अधिक भीड़ के कारण लंबी कतारें लग रही हैं और धक्का-मुक्की की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय व्यवसायी अरविंद पंवार ने बताया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। ट्रॉली ही नदी पार करने का एकमात्र साधन होने से श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ यात्री जल्दबाजी में नदी के रास्ते आर-पार करने का भी प्रयास कर रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में स्थल पर डीडीआरएफ के चार जवान और एक पटवारी तैनात हैं। साथ ही ट्रॉली संचालन का समय सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक कर दिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मध्यमहेश्वर यात्रा और मानसून के दौरान क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस, केदारनाथ वन प्रभाग, तहसील ऊखीमठ, लोक निर्माण विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मौके पर डीडीमओ के चार जवान और पटवारी मौजूद हैं जो यात्रियों को सावधानी पूर्वक नदी पार करवा रहे हैं।