रुद्रप्रयाग मुख्यालय स्थित गुलाबराय मैदान में आयोजित रुद्रनाथ महोत्सव व शीतकालीन यात्रा उत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या गढ़वाली लोक संस्कृति के रंग में सराबोर रही। पद्मविभूषण एवं जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक संध्या के दौरान मेला पंडाल दर्शकों की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा, वहीं भरतवाण के लोकप्रिय लोकगीतों पर युवाओं ने जमकर उत्साह और जोश दिखाया और जम कर नाचे। महोत्सव की संध्या पूरी तरह प्रीतम भरतवाण के नाम रही। उन्होंने सर्व प्रथम देवी की स्तुति गायी। इसके बाद शिवजी कैलाश रंदा न’, ‘सरुली मेरु जिया लगेगी’, ‘फोटो की मशीन’ सहित जागर गायन प्रस्तुत कर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। वहीं उन्होंने लोगों की फरमाइश पर ''मैं जादूं मेरी बसंती दूर देश पार, भी गाया जिसपर दर्शकदीर्घा ने भी गुनगुना कर साथ दिया। गढ़वाली लोकधुनों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए। गुलाबराय मैदान आकर्षक रोशनी से जगमगा उठा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मेले में लगे झूलों और मनोरंजन साधनों ने बच्चों और नौनिहालों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। बच्चों ने ऊंट की सवारी का भरपूर आनंद लिया, वहीं चरखी, बच्चों की ट्रेन और ड्रैगन झूले पर भी खूब चहल-पहल रही। इसके अलावा मेले में पहुंचे लोगों ने फास्ट फूड और स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद लिया।