रुद्रप्रयाग नगर मुख्यालय में साल 2017-18 में नमामि गंगे योजना के तहत अलकनंदा नदी और मंदाकिनी नदी पर बने घाटों की स्थिति बदहाल हो चुकी है। करोड़ों रुपये की लागत से बने ये घाट वर्तमान में मलबे और रेत के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। ऐसे में न केवल घाटों की सुंदरता खत्म हुई है बल्कि पर्यटक और स्थानीय लोग भी यहां आने से कतराने लगे हैं। साल 2017-18 में नमामि गंगे योजना के तहत अलकनंदा नदी और मंदाकिनी नदी पर चार स्थानों पर घाटों का निर्माण और सौंदर्यीकरण किया गया था। इनमें अलकनंदा नदी पर पुराने विकास भवन के नीचे, बेलणी में हनुमान मंदिर के पास, जज कार्यालय के नीचे और संगम स्थल के समीप घाट बनाए गए थे। इसके अलावा अलकनंदा-मंदाकिनी संगम पर भी भव्य घाट का निर्माण हुआ था। निर्माणदायी संस्था द्वारा लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से टाइल्स, रेलिंग, चेंजिंग रूम, व्यू प्वाइंट, सोलर लाइट, हाई मास्ट लाइट और शवदाह गृह जैसे कार्य कराए गए थे। लेकिन हर साल बरसात में नदियों के जलस्तर बढ़ने से घाटों पर भारी मात्रा में सिल्ट और रेत जमा होने से तमाम घाटों की यही स्थित है।