लंबे समय से आसमान की ऊंचाइयों को नापने वाले बाज, जिनकी संख्या हिमालयी क्षेत्र में लगातार घटती जा रही थी, एक बार फिर रुद्रप्रयाग के आकाश में अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराते दिखाई दिए। पर्यावरण के मित्र माने जाने वाले ये परिंदे धीरे–धीरे दुर्लभ होते जा रहे थे, लेकिन बुधवार को तिलवाड़ा के आसमान में 30 से अधिक बाज अलग–अलग झुंडों में उड़ते हुए नजर आए, जिसे स्थानीय लोगों ने आश्चर्य और प्रसन्नता के साथ देखा। आसमान के राजा कहे जाने वाले ये पक्षी पिछले कुछ वर्षों में भोजन की कमी, पर्यावरणीय असंतुलन और आवास क्षेत्र के सिमटने के कारण तेजी से लुप्त होने लगे थे। ऐसे में तिलवाड़ा क्षेत्र में इनकी सामूहिक उड़ान ने स्थानीय प्रकृति–प्रेमियों दोनों के बीच उम्मीद जगाई है कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में बाजों की संख्या एक बार फिर बढ़ने की संभावना बन सकती है।