पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण प्राकृतिक गदेरों और गंगा की सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से गंगा का पानी भी मटमैला हो गया है। पानी मटमैला होने के बाद भी गंगा नदी में राफ्टिंग के शौकीनों की भीड़ कम नहीं हो रही है। सप्ताहांत में सुबह से लेकर शाम तक गंगा में रंग-बिरंगी राफ्टें तैरती हुई नजर आईं। सितंबर माह से गंगा में राफ्टिंग का संचालन शुरू होता है, जो जून माह तक चलता है। जून माह में बरसात के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है। जैसे ही गंगा का जलस्तर बढ़ता है, वैसे ही पर्यटन विभाग की ओर से गंगा में राफ्टिंग का संचालन बंद हो जाता है। जून माह शुरू हो गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण मैदानी भागों में गंगा का पानी धीरे-धीरे मटमैला हो रहा है। मरीन ड्राइव, शिवपुरी, क्लब हाउस और ब्रह्मपुरी राफ्टिंग प्वाइंटों पर पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है। सुरक्षा दृष्टिगत पर्यटन विभाग की ओर से अभी तक राफ्टिंग व्यवसायियों को राफ्टिंग संचालन के लिए दिशा निर्देश नहीं दिए जा रहे हैं।