पिथौरागढ़ में गर्भवतियों को पौष्टिक आहार दिलाने के नाम पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, इसके बाद भी 45 फीसदी गर्भवतियां एनिमियाग्रस्त मिलीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जब जांच की तो बाल विकास विभाग की योजना की हकीकत सामने आई। पौष्टिक आहार देने के बाद भी 2884 गर्भवतियों की जांच में 1292 में खून की कमी मिली है। बाल विकास विभाग के मुताबिक जिले में तीन बच्चे अति कुपोषित और नौ कुपोषित मिले हैं, जिनका स्वास्थ्य विभाग इलाज करवा रहा है।