कांग्रेस ने पंचायत चुनाव को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस पंचायत चुनाव में सरकार ने चुनाव जीतने के लिए लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया है इसमें निर्वाचन आयोग ने साथ दिया है। सरकार ने ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत का चुनाव जीतने के लिए कई साजिश रचीं। ऐसे में साफ है कि भाजपा के शासन में देश और प्रदेश में लोकतंत्र खतरे में है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाध्यक्ष अंजू लुंठी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस पंचायत चुनाव में सिर्फ अपनी पार्टी की जीत को लक्ष्य बनाकर कई साजिश रचीं। पंचायत चुनाव समय पर न कराना, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत की सीट पर मनमाने तरीके से आरक्षण तय करना इसका प्रमाण है। सरकार और निर्वाचन आयोग ने मिलकर पंचायत राज एक्ट के विरुद्ध असंवैधानिक तरीके से आरक्षण तय किया। पंचायत राज एक्ट का उल्लंघन कर दो जगह मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वालों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी गई। नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सत्ता के बल पर विपक्षी प्रत्याशियों को धमकाया गया तो नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक के साथ मारपीट की गई। द्वाराहाट में क्षेत्र पंचातय सदस्यों के पतियों का अपहरण किया गया और पुलिस ने मामले में केस दर्ज तक नहीं किया। इन मामलों से साफ है कि पंचायत चुनाव में पुलिस, प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने सरकार के इशारे पर काम कर लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया। कार्यकर्ताओं ने डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजते हुए सरकार, निर्वाचन आयोग के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व दायित्वधारी महेंद्र लुंठी, राहुल लुंठी, दीपक लुंठी, मनोज ओझा, पद्मा बिष्ट, गीता बेरी, दीप वर्मा, नवीन कापड़ी, मनोज ठकुराठी, राजेंद्र भट्ट, शंकर लाल सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।