एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव न कराने पर आक्रोश जताते हुए उच्च शिक्षा मंत्री और सरकार का पुतला फूंका। पदाधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए राजनीति की प्रथम सीढ़ी छात्र राजनीति होती है। सरकार ने षड्यंत्र के तहत छात्रसंघ चुनाव न कराकर विद्यार्थियों को जानबूझकर इससे दूर रखा है। मौजूदा सरकार छात्र विरोधी है। सोमवार को एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष निखिल ऐरी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने एपटेक तिराहे पर प्रदर्शन करते हुए सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने षड्यंत्र के तहत छात्रसंघ चुनाव रद्द करा दिए जो लोकतंत्र की हत्या है। कहा सरकार को 30 सितंबर तक हर हाल में छात्रसंघ चुनाव कराने की जानकारी होते हुए भी इससे किनारा किया गया। अब लिंगदोह कमेटी का हवाला देकर चुनाव रद्द करवाए गए हैं जो सरकार की सोची-समझी चाल है। छात्रसंघ चुनाव न होना हर विद्यार्थी के हितों के साथ खिलवाड़ है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चुनाव को लेकर सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, परिसर और महाविद्यालयों के विद्यार्थी बड़ा आंदोलन करेंगे। पुतला दहन में कार्तिक खर्कवाल, जतिन वल्दिया, नितिन सागर, अजय वल्दिया, विक्की लोहिया, विजेंद्र प्रसाद, आदित्य बोहरा, आदि सौन, शिखा चौहान, रोमा भट्ट सहित अन्य विद्यार्थी शामिल रहे।