रामनगर के ग्राम सांवल्दे में महिलाओं को जंगल जाने से वनकर्मियों ने रोक दिया। इससे नाराज महिलाओं ने वन विभाग की बबलिया चौकी पर हंगामा काट दिया। मामला बढ़ता देख सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। करीब ढाई घंटे के हंगामे के बाद महिलाए वापस लौटी। वहीं वनकर्मियों ने बताया कि जिस क्षेत्र में महिलाए लकड़ी लेने जा रहीं हैं। उस क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट लगातार देखी जा रही है। बीती दो जनवरी को कॉर्बेट के ढेला जोन में लकड़ी लेने गई सांवल्दे पश्चिमी निवासी सुखिया देवी को बाघ ने मार दिया था। जिसके बाद तीन जनवरी से वन्यजीव चिकित्सक की टीम बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने में जुटी थी। आठ जनवरी की रात दो बजे वन्यजीव चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बाघ को डाट मारकर ट्रैंकुलाइज किया था। जिसके बाद भी ढेला रेंज में बाघों की मूवमेंट बनी हुई है। किसी तरह की मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना ना हो इसके लिए जंगल में लकड़ी लेने जाने वाले लोगों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। वही बुधवार सुबह सांवल्दे क्षेत्र की कई महिलाएं लकड़ी लाने के लिए जंगल में प्रवेश करने लगी।इस बीच बबलिया चौकी पर वन कर्मियों ने महिलाओं को जंगल जाने से रोक लिया। जिसके बाद महिलाये जंगल से लड़की लाने पर अड़ गई। उन्होंने कहा कि विगत कई सप्ताह से उनके उनके पशुओं के लिए चारे नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हंगामा बढ़ता देख सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को समझाने का प्रयास किया।ढाई घंटे हंगामे के बाद महिलाए वापस लौटी। ढेला रेंजर भानु प्रकाश हरबोला ने बताया कि ढेला रेंज में बाघ का मूवमेंट बना हुआ है। इसे देखते हुए महिलाओं को जंगल जाने से रोका गया है। बताया कि बुधवार को हुए हंगामे की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।