तराई पश्चिमी वनप्रभाग के फाटों जोन में बीते दिनों पर्यटकों को दिखाई एक घायल बाघिन को देर रात वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। जिसके बाद वन्यजीव चिकित्सक ने बाघिन का मौके पर उपचार किया। उपचार के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया। बाघिन के ठीक होने तक अगले कुछ दिन वन विभाग की ओर से निगरानी की जाएगी। जानकारी के अनुसार, बीते कुछ दिन पूर्व फाटों जोन में भ्रमण करने आए कुछ पर्यटकों ने एक बाघिन घायल अवस्था में तस्वीरें खीची थी। बाघिन की गर्दन के आसपास काफ़ी संख्या में चोट के निशान थे। इस पर वन विभाग की ओर से बाघिन के उपचार के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। रेंजर कृपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार रात नौ बजे वन्यजीव चिकित्सक ने बाघिन को वन परिसर के पास स्थित वाटर हॉल से ट्रैंक्यूलाइज किया था। जिसके बाद बाघिन का मौके पर ही उपचार किया गया था। उन्होंने बताया कि आपसी संघर्ष में बाघिन के शरीर से काफ़ी चोट के निशान मिले। बाघिन का मौके पर इलाज करने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया। बाघिन के ठीक होने तक वन विभाग उसकी निगरानी करेगा। इसके लिए छह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।