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VIDEO: रोडवेज के इंतजाम फेल, जाम ने बिगाड़ा बसों का खेल, बस की खिड़की से रेंगकर अंदर घुसने को मजबूर हुए यात्री

नैनीताल में रविवार को अचानक यात्रियों और सैलानियों की संख्या बढ़ने से पूरी परिवहन व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सप्ताहांत की छुट्टी के चलते मैदानी क्षेत्रों से पहाड़ों का रुख करने वाले पर्यटकों का ऐसा रेला उमड़ा कि रोडवेज के तमाम दावे और इंतजाम धरातल पर फेल हो गए। यात्रियों की भारी तादाद को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने बसों के फेरे जरूर बढ़ाए, लेकिन बस स्टेशनों पर उमड़ी भारी भीड़ के आगे यह व्यवस्था पूरी तरह नाकाफी साबित हुई। यात्रियों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी होने के कारण बस अड्डे पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। हालात इस कदर बिगड़े कि जैसे ही कोई बस स्टैंड पर आकर रुकती, सीट पाने के लिए यात्रियों के बीच भारी अफरा-तफरी मच जाती। बस के मुख्य दरवाजों पर धक्का-मुक्की के कारण कई बेबस यात्री खिड़कियों के रास्ते अंदर रेंगकर सीट के लिए कड़ी मशक्कत करते दिखाई दिए। इस आपाधापी में महिला, बुजुर्ग और बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों की मुसीबत सबसे ज्यादा बढ़ी और उन्हें घंटों इंतजार के बाद भी बस में जगह नहीं मिली। रोडवेज बसों में जगह न मिलने के कारण यात्रियों की बेबसी का सीधा फायदा निजी टैक्सी चालकों ने उठाया। घंटों स्टेशन पर फंसने और थक-हारने के बाद यात्री महंगी टैक्सियों में सफर करने को मजबूर हुए। सैलानियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस भारी भीड़ और संकट का फायदा उठाकर टैक्सी चालकों ने सामान्य से कई गुना अधिक मनमाना किराया वसूला, जिससे लोगों की जेबों पर भारी असर पड़ा। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रोडवेज की तरफ से बसों के फेरे बढ़ाए गए थे। इसके बावजूद यात्रियों को परेशानी इसलिए हुई क्योंकि कई बसें रास्ते में लगे लंबे ट्रैफिक जाम में फंस गईं और समय से बस स्टेशन नहीं पहुंच सकीं - विमला, स्टेशन इंचार्ज, रोडवेज।

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