नैनीताल में इन दिनों बढ़ती महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की किल्लत के कारण विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। शहर की आंतरिक सड़कों के सुधारीकरण और सौंदर्यीकरण का काम देख रहे लोक निर्माण विभाग के सामने मजदूरों का संकट खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में हुई वृद्धि और गैस की किल्लत के चलते करीब 50 से अधिक मजदूर काम छोड़कर अपने घरों को लौट गए हैं। मंगलवार को बड़ा बाजार में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे लोनिवि के सहायक अभियंता तुला राम टम्टा ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि होटलों में खाने के रेट बढ़ने और रसोई गैस न मिलने के कारण मजदूरों के लिए शहर में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। इसके अतिरिक्त तराई क्षेत्रों में फसल कटान का सीजन शुरू होने के कारण भी कई मजदूर खेती-बाड़ी के काम में जुट गए हैं। मजदूरों की इस कमी का सीधा असर शेर का डंडा और सीआरएसटी इंटर कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण मार्गों के मरम्मत कार्य पर पड़ा है। फिलहाल विभाग स्थानीय मजदूरों के भरोसे काम को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। सहायक अभियंता ने कहा एक मई तक नए मजदूरों की व्यवस्था कर ली जाएगी, जिसके बाद शहर की आंतरिक सड़कों के सुधारीकरण का कार्य पुनः गति पकड़ सकेगा।