रामनगर के पूछड़ी से हटाए गए 52 परिवारों ने प्रशासन की अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई का विरोध करते हुए पुरानी तहसील के पास जुलूस निकाला। तहसील पहुंचकर धरना-प्रदर्शन कर एसडीएम के माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर को ज्ञापन भेजकर पुनर्वास की मांग की। सोमवार को पुरानी तहसील के पास से जुलूस निकालते हुए लोग तहसील में पहुंचे और जहां धरना-प्रदर्शन किया। समाजवादी लोकमंच के संयोजक मुनीष कुमार ने कहा कि पूछड़ी में विगत वर्ष ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति का गठन हो चुका है। जब तक अधिकार निर्धारण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती, तब तक किसी भी ग्रामीण को उसके आवास व भूमि से बेदखल नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद प्रशासन ने रविवार को 52 परिवारों के घरों को ध्वस्त कर उन्हें बेदखल कर दिया। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए कुमाऊं कमिश्नर से पुनर्वास की मांग की। इस दौरान सरस्वती जोशी, पीपी आर्य, कैलाश पांडे, ललित उप्रेती, ललिता रावत, प्रभात ध्यानी, खीम राम, रेनू सैनी, नेहा, सोनम शेख, लालमणी, तुलसी छिमवाल आदि मौजूद रहे।