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Nainital: अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर दिखा सैलाब, विभिन्न संगठनों ने किया प्रदर्शन

अंकिता भंडारी हत्याकांड की तीसरी बरसी पर बृहस्पतिवार को विभिन्न क्रांतिकारी संगठनों एवं महिला संगठनों ने नैनीताल में प्रदर्शन किया। जनगीत गाते हुए निकाले गए जुलूस में अंकिता को न्याय की मांग बुलंद की गई। कार्यक्रम के तहत विभिन्न संगठनों के लोग मल्लीताल रामलीला स्टेज में एकत्र हुए। इसके बाद म़ॉल रोड होते हुए तल्लीताल डांठ तक जुलूस निकाला गया। अब तो होश में आ जाओ, ओ शब्दों के बाजीगर... आदि जनगीत गाए गए। सभा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रशासन और शासन पर सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तराखंड के महिला हिंसा के मामले में पहला स्थान होने पर चिंता जताई। मुकेश सेमवाल ने कहा कि अंकिता की मां अस्पताल में भर्ती हैं जिस कारण पिता आज के कार्यक्रम में नहीं आ सके। कहा कि अंकिता की हत्या ने उसके परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कोर्ट आने-जाने के लिए अंकिता के परिवार को कोई सुविधा नहीं दी। कमला पंत ने सरकार से महिला हिंसा कम करने की पहल की मांग की। लोगों का आह्वान किया कि वह पीड़ित महिलाओं के हक के लिए आवाज उठाएं। प्रदर्शन में राजीव लोचन साह, प्रभात ध्यानी, पीसी तिवारी, राहुल छिमवाल, अनुपम कबड्वाल, मुनीश कुमार, कैलाश जोशी, केके बोरा, तरुण जोशी, रजनी जोशी, विनीता आदि मौजूद रहीं। संचालन शीला रजवार ने किया। रामनगर के लखनपुर चौक पर में विभिन्न संगठनों ने सरकार का पुतला दहन किया। लोगों ने हत्याकांड की सीबीआई जांच और वीवीआईपी को गिरफ्तार करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि अब तक अंकिता भंडारी और उसके परिजनों को न्याय नहीं मिला है। सत्ता के संरक्षण के कारण उन अपराधियों की गिरफ्तारी बाकी है जिनके तार इस हत्याकांड से जुड़े हैं। प्रदर्शन में इंकलाबी मज़दूर केंद्र के रोहित रुहेला, भुवन आर्या, उबैदुल हक, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के मो. आसिफ, लालमणि, किरन आर्या, चिंताराम, सुनील पर्नवाल, गीता आर्या आदि थीं।

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