इस बार गंगनहर बंदी पर श्रद्धालुओं के लिए हरकी पैड़ी पर गंगा जल की किल्लत नहीं रहेगी। ऐसा दावा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से किया गया है। जिसमें बंध बनाकर बंदी के एक दिन बाद अविरल गंगा से सीधे हरकी पैड़ी पर पर्याप्त गंगाजल लाया जाएगा। जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर गंगनहर बंदी में भी आस्था की डुबकी लगा सकेंगे। दरअसल, हर साल दहशरा पर्व पर उत्तरी खंड गंगनहर को मरम्मतीकरण कार्याें के लिए बंद किया जाता है, जो लगभग 20 दिन के लिए बंद रहती है, लेकिन गंगनहर बंदी के दौरान हरकी पैड़ी पर गंगा बहुत कम हो जाता है। श्रद्धालुओं को गंगा स्नान तो दूर आचमन के लिए भी गंगा नसीब नहीं होता है। हरकी पैड़ी पर आने वाले श्रद्धालुओं मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ता है। इस बार भी उत्तरी खंड गंगनहर 12 अक्तूबर की मध्य रात्रि में बंद कर दी जाएगी, जो 31 अक्तूबर की मध्य रात्रि को शुरू की जाएगी, मगर इस बार हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं के लिए पानी की उपलब्धता करने के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग योजना बना रहा है। दावे के अनुरूप सर्वानंद घाट से आने वाली अविरल गंगा के भगीरथी बिंदू और कांगड़ा पुल पर बंध बनाए जाएंगे। बंध बनाकर अविरल गंगा की धारा से आने वाले सारे पानी को हरकी पैड़ी की तरफ मोड़कर गंगा जल हरकी पैड़ी पर लाया जाएगा। जिससे श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के लिए गंगा जल मिलता रहेगा। अगर ऐसा होत है तो पहली बार उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग श्रद्धालुओं को गंगनहर बंदी पर गंगा स्नान कराने में सफल हो सकेगा।