चंपावत जिले के रीठासाहिब में सिखों के प्रमुख तीन दिवसीय जोड़ मेले का शुभारंभ सीडीओ डॉ. जीएस खाती ने किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रांतों से आये ग्रन्थियों ने गुरुग्रंथ साहब की अखण्ड पाठ की लड़ी पढ़ी और सबद-कीर्तन का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने बताया कि इस पावन स्थान पर 14वीं शताब्दी के दौरान गुरु नानक देव जगत फेरी पर अपने शिष्य मर्दाना के साथ यहां पहुंचे थे। जब गुरु और शिष्य एक पेड़ के नीचे बैठे थे, तो मर्दाना को भूख लग गई। नानक देव ने पेड़ की ओर इशारा किया और पेड़ पर कड़वे रीठे के फल तोड़ खाए तो वे मीठे होने लगे, इससे उन्होंने अपनी भूख शांत की। इसी मान्यता के चलते यहां पर गुरुद्वारे की स्थापना की गई और हर साल यहां जोड़ मेले का आयोजन किया जाता है।