चंपावत। नगर स्थित गोरल देव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का वाचन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में जारी है। रविवार को कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर रहा। कथावाचक राजेंद्र तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में आत्मसात करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि कथा श्रवण के भी कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। श्रद्धा, एकाग्रता और पवित्र भाव से कथा सुनने पर भगवान की कृपा प्राप्त होती है।