विकासखंड लोहाघाट के गुमदेश के ऐतिहासिक चैतोला मेला अद्भुत आस्था का समागम है। राम नवमी से शुरू होने वाले मेले को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहता है। इस मेले में चमू देवता को पापड़ का प्रसाद चढ़ाया जाता है। यहां के सात गांवों में धौनी परिवारों की ओर से चावल का विशेष किस्म का प्रसाद तैयार किया जाता है। पुरोहित मदन कलौनी बताते हैं कि सीलिंग, चौपता, नेवलटुकरा, बसकुनी, सिरकोट, जाख, जिंडी गांवों में रहने वाले धौनी परिवार चमू देवता को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद की सामग्री प्रथम नवरात्र से एकत्र की जाती है। छठे, सातवें और आठवें नवरात्र के दौरान पड़ने वाले शुभ दिन को शुद्धता के साथ पापड़ बनाए जाते हैं। चमू देवता को पापड़ का प्रसाद चढ़ाने के बाद ही त्योहार में बने व्यंजन किसी को दिए जाते हैं। मेले की एक खूबी यह है कि इस दौरान यहां कोई भी होटल नहीं खुलता है, मेले में आने वाले परिचित-अपरिचित लोगों को ग्रामीण अपने घरों में भोजन कराते हैं।